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1857 का विद्रोह, ‘झंडा सलामी गीत’ और राष्ट्रीयता का विचार- प्रेम सिंह
(ये लेख डॉ प्रेम सिंह ने प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की 167वीं वर्षगांठ पर जारी किया था, सबको पढ़ना चाहिए। पता चलेगा कि राष्ट्रीयता की भावना को...
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कमजोर होती धर्मनिरपेक्ष राजनीति (राजनीति की जिस धारा का दंभ मुलायम सिंह दिन रात भरते हैं । उसी धारा का लहू हमारी भी राजनीतिक रगों में दौड़ता...
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भारत का नागरिक जीवन, खास कर पिछले दो दशकों से, राष्ट्र-भक्ति और राष्ट्र-द्रोह के बीच छिड़ी जंग से आक्रांत चल रहा है. लोकतंत्र के...
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कैसी छात्र राजनीति है ये ? ( सुधाकर जी हमारी मित्रमंडली में बलरामपुर का प्रतिनिधित्व करते हैं ... इसी वजह से छात्र राजनीति ...
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